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Bhavpar” (भावपर) का मतलब क्या होता है आमतौर

 Bhavpar” (भावपर) का मतलब क्या होता है।  Bhavpar” (भावपर) का मतलब क्या होता है आमतौर पर संदर्भ के अनुसार बदल सकता है, लेकिन ज़्यादातर इसका अर्थ होता है: 👉 भाव + पर = भावना के आधार पर / भावनाओं पर आधारित आसान भाषा में: Bhavpar = भावना के अनुसार यानी कोई काम या बात दिल से, भावनाओं के हिसाब से करना उदाहरण: “उसने भेंट भावपर दी” 👉 मतलब: उसने गिफ्ट दिल से, भावना से दिया (ना कि मजबूरी में)

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रीछ राज जामवन्त (Jambuvan) – अद्भुत बल और बुद्धि के प्रतीक

 रीछ राज जामवन्त (Jambuvan) – अद्भुत बल और बुद्धि के प्रतीक ऋक्षराज जाम्बवान हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित एक महान और दिव्य चरित्र हैं। वे वानर या भालू कुल के राजा माने जाते हैं और अपनी बुद्धिमत्ता, अनुभव तथा अपार शक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका उल्लेख विशेष रूप से रामायण और महाभारत में मिलता है। Add 1 🔱 जन्म और उत्पत्ति कथा के अनुसार जाम्बवान का जन्म सृष्टि के प्रारंभिक काल में हुआ था। माना जाता है कि वे ब्रह्मा की कृपा से उत्पन्न हुए। वे इतने दीर्घायु थे कि कई युगों के साक्षी बने। 🏹 रामायण में भूमिका जब हनुमान समुद्र पार करने को लेकर अपनी शक्ति भूल गए थे, तब जाम्बवान ने उन्हें उनकी सामर्थ्य का स्मरण कराया। उनकी प्रेरणा से ही हनुमान जी ने लंका की ओर विशाल छलांग लगाई। जाम्बवान ने श्रीराम की सेना में महत्वपूर्ण सलाहकार और योद्धा की भूमिका निभाई। ⚔️ महाभारत से संबंध कहा जाता है कि जाम्बवान का सामना श्रीकृष्ण से भी हुआ था। स्यमंतक मणि के प्रसंग में दोनों के बीच युद्ध हुआ, जो कई दिनों तक चला। अंततः जाम्बवान ने श्रीकृष्ण को पहचान लिया और अपनी पुत्री जाम्बवती का विवाह उनसे कर द...

Albert Einstein का यह कहना कि कल्पना ज्ञान से ज़्यादा शक्तिशाली है

 Albert Einstein का यह कहना कि कल्पना ज्ञान से ज़्यादा शक्तिशाली है, असल में ब्रेन साइंस से जुड़ा है। इंसानी दिमाग पहले कल्पना करता है, फिर उसी कल्पना को सच करने के लिए ज्ञान खोजता है। नई थ्योरी, नए आविष्कार पहले दिमाग में तस्वीर बनते हैं, बाद में गणित और प्रयोग उन्हें साबित करते हैं। Add 1 Isaac Newton की बात बताती है कि विज्ञान कभी अकेले आगे नहीं बढ़ता। हर वैज्ञानिक का दिमाग पहले से मौजूद खोजों पर खड़ा होता है। न्यूरोसाइंस भी मानता है कि इंसान का दिमाग पुराने ज्ञान को जोड़कर ही नई समझ बनाता है। Marie Curie का संदेश डर से जुड़ा है। डर दिमाग के सोचने वाले हिस्से को धीमा कर देता है, जबकि समझने की कोशिश करने से दिमाग के लर्निंग नेटवर्क सक्रिय होते हैं। यही वजह है कि सवाल पूछना और समझना विज्ञान की असली ताकत है। इन तीनों विचारों का साइंस यही कहता है कि इंसानी दिमाग तब सबसे बेहतर काम करता है, जब वह कल्पना करे, सीखे और बिना डर समझने की कोशिश करे। सोर्स: Nature Neuroscience, Harvard University – Brain Research, Stanford Encyclopedia of Philosophy, Nobel Prize Archives #ब्रह्मांडज्ञान...